Thursday, 9 July 2015

Bhool Se Yeh Kaam Na Kar.. Milega Apmaan...


जीवन में मान-सम्मान का बहुत महत्व है। यह भी कहा जाता है कि जिस व्यक्ति का घर-परिवार, समाज आदि में कोई मान-सम्मान नहीं होता उसे जीते-जी मरे हुए के समान समझना चाहिए। इतिहास में ऐसे अनेक उदाहरण मिलते हैं जब मान-सम्मान की रक्षा के लिए लोगों ने अपने प्राण भी गंवा दिए।
इसके विपरीत कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें उनके बुरे कामों के कारण जीवन में कभी न कभी अपयश यानी अपमान का सामना करना पड़ता है। गरुड़ पुराण में कुछ ऐसे कामों के बारे में बताया भी गया है, जिसके कारण व्यक्ति को अपमानित होना पड़ता है। आज हम आपको उन्हीं कामों के बारे में बता रहे हैं। गरुण पुराण के अनुसार वो 5 काम इस प्रकार हैं-

 
श्लोक
दाता दरिद्र: कृपणोर्थयुक्त: पुत्रोविधेय: कुजनस्य सेवा।
परापकारेषु नरस्य मृत्यु: प्रजायते दुश्चरितानि पञ्च।।

 
अर्थात्- 1. दरिद्र होकर दाता होना, 2. धनवान होने पर भी कंजूस होना, 3. पुत्र का आज्ञाकारी न होना, 4. दुष्ट लोगों की सेवा करना तथा 5. किसी का अहित करते हुए मृत्यु होना। इन 5 कामों से अपमान ही मिलता है।

1. दरिद्र होकर दाता होना
जब कोई गरीब व्यक्ति अपनी हैसियत से अधिक दान देता है तो उसे व उसके परिवार को धन से संबंधित अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यदि ऐसा वह बार-बार करता है तो कई बार स्थिति बहुत ही कठिन हो जाती है। ऐसा कुछ लोग दूसरों को दिखाने के लिए भी करते हैं, लेकिन इस दिखावे में वह यह भूल जाते हैं कि इसके कारण उसके परिवार को परेशानी हो सकती है। इसलिए दान देते समय अपनी आर्थिक स्थिति जरूर देख लेना चाहिए, नहीं तो आगे जाकर अपमान का सामना करना पड़ सकता है।

2. धनवान होने पर भी कंजूस होना
अगर आपके पास पर्याप्त धन है और फिर भी आप कंजूस हैं तो इसके कारण भी आपको अपमानित होना पड़ सकता है। सोच-समझकर पैसा खर्च करना अच्छी बात है, लेकिन जब ये जरूरत से ज्यादा हो जाता है तो आप कंजूस की श्रेणी में आ जाते हैं। जिस जगह जितना खर्च करना जरूरी है, उतना तो करना ही चाहिए। अगर आप वहां से भी पैसा बचाने की कोशिश करेंगे तो लोग आपको कंजूस ही समझेंगे। कंजूस लोगों को अपनी इस आदत के कारण कई बार अपमान का सामना करना पड़ता है। इसलिए पैसों का सही उपयोग करें, लेकिन कंजूस न बनें।

3. पुत्र का आज्ञाकारी न होना
जिस व्यक्ति का पुत्र उसके कहने में नहीं होता, उसे भी परिवार, समाज के सामने अपमानित होना पड़ता है। पुत्र आज्ञाकारी नहीं होगा तो वह अपनी मनमानी करेगा। कई बार ऐसे पुत्र कुछ ऐसा काम कर देते हैं, जिसके कारण न सिर्फ पिता को बल्कि पूरे परिवार व कुटुंब को ही अपमान झेलना पड़ता है। ऐसे एक नहीं कई उदाहरण देखने को मिलते हैं, जहां पुत्र के कारण पिता को अपमानित होना पड़ा जैसे- दुर्योधन के कारण धृतराष्ट्र का राजपाठ ही नहीं बल्कि पूरे परिवार का ही नाश हो गया। इसलिए कहते हैं कि पुत्र आज्ञाकारी हो तो इससे बड़ा सुख दुनिया में और कोई नहीं है। और यदि पुत्र अपने पिता की बात नहीं मानता तो इससे बड़ा कोई दुख नहीं है।

4. दुष्ट लोगों की सेवा करना
जो लोग दुष्ट यानी बुरे काम करने वाले लोगों के साथ रहते हैं व उनकी सेवा करते हैं अर्थात उनकी बात मानते हैं, ऐसे लोगों को भी अपने जीवन में कभी न कभी अपमानित जरूर होना पड़ता है। जो लोग बुरे काम करते हैं, वे हमेशा अपने निजी स्वार्थ के बारे में सोचते हैं। जरूरत पड़ने पर वह अपने साथी को भी बलि का बकरा बना सकते हैं। जिस दिन इन लोगों की सच्चाई सामने आती हैं इनके परिवार वालों की भी शर्मिंदा होना पड़ता है। उनके साथ-साथ ऐसे लोगों के साथ रहने वाले लोगों भी अपमानित होना पड़ता है। इसलिए बुरे काम करने वाले लोगों से दूर रहने में भलाई है।

5. किसी का अहित करते हुए मृत्यु होना
अगर किसी का नुकसान करते हुए आपकी मौत हो जाती है तो ये भी अपमान का कारण है। हालांकि मृत्यु के बाद मान-अपमान का कोई महत्व नहीं रह जाता, लेकिन आपकी सालों से कमाई इज्जत पर इसका असर जरूर पड़ता है। आपके परिवार व आने वाली पीढ़ियों को भी आपके द्वारा किए गए इस काम के कारण शर्मिंदा होना पड़ सकता है। इसलिए कभी भी किसी का नुकसान नहीं करना चाहिए, यहां तक कि सोचना भी नहीं चाहिए।


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Yoga Jo Banye Apki Abs

यदि आप पेट और जांघों की चर्बी से परेशान हैं और इसे ख़तम कर एब्स बनाना चाहते हैं तो आपके लिए कुछ योगासन फायदेमंद हो सकते हैं।
1. एब्स के लिए योगासन
यदि आप पेट और जांघों की चर्बी से परेशान हैं और इसे ख़तम कर एब्स बनाना चाहते हैं तो आपके लिए कुछ योगासन फायदेमंद हो सकते हैं। तो पेट की बढ़ी चर्बी यानी टमी आपके सुंदर फिगर को खराब करे, इससे पहले शुरू कर दें ये कुछ खास योगासन। 


2. कपाल भाति
कपाल भाति क्रिया करने के लिए समतल स्थान पर आसन में बैठ जाएं। अब पेट को ढीला छोड़ दें और तेजी से सांस बाहर निकालें और पेट को भीतर की ओर खींचें। हां सांस को बाहर छोड़ते और पेट को भीतर की ओर खींचने के बीच सामंजस्य रखें। शुरुआत में दस बार यह क्रिया करें, और फिर धीरे-धीरे 60 तक बढ़ा दें। बीच-बीच में विश्राम लेते रहें। कपाल भाति से फेफड़े के निचले हिस्से की प्रयुक्त हवा एवं कार्बनडाइ ऑक्साइड बाहर निकल जाती है और पेट पर जमी फालतू चर्बी खत्म होती है।

3. नौकासन
इस आसन में शरीर का आकार नौका जैसा बन जाता है इसलिए ही इसे नौकासन कहते हैं। नौकासन करने के लिए मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं। फिर सांस लेते हुए दोनों पैर ऊपर उठाएं और दोनों हाथों से पैर के पंजों को छूने का प्रयास करें। यानी पैरों को जमीन से 45-50 डिग्री एंगल पर उठाना होता है। कुछ सेकंड इस स्थिति  में रहने के बाद सांस छोड़ते हुए सीधे लेट जाएं। तकरीबन 15 सेकंड के अंतर पर इस प्रक्रिया को लगभग पांच बार दोहराएं और धीरे-धीरे इसकी संख्या बढ़ाते जाएं। इसे अधिकतम 30 बार किया जा सकता है। लेकिन रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्या या फिर रक्तचाप के मरीज इस आसन को डॉक्टरी से सलाह लेकर ही करें। 

4. सेतु बंध सर्वांगासन
सेतु बंध सर्वांगासन करने के लिए पीठ के बल सीधा लेट जाएं, और दोनों हाथों को शरीर के बगल में सीधे रख लें। अब हथेलियों को जमीन पर सटाकर रखें। और दोनों घुटों को मोड़ लें जिससे सिर्फ तलवे ही जमीन से छू पाएं। इसके बाद सांस भरते हुए कमर को ऊपर उठाने का प्रयास करें। कोशिश करें कि सीना ठुड्डी को छी जाए। कुछ सेकंड बाद कमर नीचे लाएं और वापस पीठे के बल सीधे लेट जाएं।

5. भुजंगासन
भुजंगा, जिसे अंग्रेजी भाषा में कोबरा कहा जाता है। और चूंकि यह दिखने में फन फैलाए एक सांप जैसा होता है इसलिए इसे भुजंगासन कहा जाता है। इसे करने के लिए पेट के बल जमीन पर लेट जाएं और फिर अपने दोनों हाथों के सहारे कमर से ऊपरी हिस्से को ऊपर की ओर उठाएं। लेकिन ध्यान रहे कि हथेली खुली और जमीन पर फैली और कोहनियां मुड़ी होनी चाहिए। इसके बाद शरीर के बाकी हिस्से को बिना हिलाए-डुलाए चेहरे को बिल्कुल ऊपर की ओर करें। कुछ समय के लिए इस स्थिति में रहें और फिर वापस आ जाएं।  

6. विपरीत शलभासन
भुजंगासन के बाद शलभासन किया जाता है। भुजंगासन में जहां गर्दन, सीने और मेरुदंड को ऊपर उठाकर सर्प का आकार बयाया जाता है, वहीं शलभासन में इसके उलट पैरों को ऊपर उठा कर पतंगे का आकार दिया जाता है। शलभासन में सीना, पेट, ठुड्डी जमीन से छूते हैं। शलभासन से मेरुदंड का निचला हिस्सा सक्रिय और लचीला होता है। और वहां के स्नायुओं पर खिचांव पड़ता है। विपरीत शलभासन को शलभासन के विपरीत दिशा में किया जाता है। 

7. पश्चिमोत्तानासन
पेट में जमा फैट कम करने और एब्स बनाने के लिए पश्चिमोत्तानासन सबसे उपयोगी आसन है। इसे करने के लिए सीधे बैठ जाएं और दोनों पैरों को सामने की ओर सटाकर सीधा फैला लें। अब दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं और कमर को बिल्कुल सीधा करें। इसके बाद झुककर दोनों हाथों से पैरों के दोनों अंगूठे पकड़ने का प्रयास करें। सुनिश्चित करें कि इस दौरान आपके घुटने मुड़ें नहीं और ना ही पैर जमीन से ऊपर उठें। और फिर कुछ सेकंड इस अवस्था में रहने के बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।

8. मर्जरी आसन
मर्जरी आसन करने के लिए जमीन पर पेट के बल सीधे लेट जाएं। हथेलियों को सीधा खुला रखें
और धीरे-धीरे जमीन से ऊपर को उठें। इसके बाद अपनी हथेलियों को कोहनियों, घुटनों व पंजों पर शरीर का भार डालते हुए ऊपर उठाएं। इस दौरान अपनी कमर सीधी रखें। अब जमीन को देखते हुए चेहरा और ठोढ़ी को झुकाएं। इससे आप पैर और लोअर एब्डॉमिन में खिंचाव महसूस करें। 20 से 60 सेकंड इस स्थिति में रुकें। ऐसा 5 बार करें। 

9. हस्तपादासन
हस्तपादासन करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों की एडियों व पंजों को आपस में मिला लें और फिर दोनों हाथों को ढीला छोड़ दें। इसके बाद सांस बाहर छोड़ते हुए कमर के ऊपरी भाग को धीरे-धीरे सामने की ओर झुकाएं। अपने घुटनों को बिल्कुल सीधा रखें। प्रारम्भ में इसे 10 सेकंड तक करें और फिर सामान्य स्थिति में आकर 5 सेकण्ड आराम करें और इस आसन को कम से कम 5 से 6 बार दोहराएं। 

10. बालासन
बालासन करने के लिए शरीर का सारा भार एड़ियों पर डाले। ऐसा करने के लिए घुटने के बल जमीन पर बैठ जाएं और फिर गहरी सांस लेते हुए आगे की ओर झुकें। ऐसे में आपका सीना जांघों से छूना चाहिए। माथे को फर्श से छूने की कोशिश करें। कुछ सेकंड इस अवस्था में रहने के बाद सांस छोड़ते हुए वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं। 



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Unsolved Mysteries Of The World

A conspiracy theory is an explanatory hypothesis that accuses two or more persons, a group, or an organization of having caused or covered up, through secret planning and deliberate action, an event or situation which is typically taken to be illegal or harmful.
There are so many events that took place in history that we think we know about, but the fact is that there are a lot of stories behind it that we know nothing about. Of course, some theories are just that- theories. But there are some popular conspiracy theories that are not only interesting to read, but will also make you think… what really happened?

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Tuesday, 7 July 2015

Relationship Aur Career Me Kis Tarah Santulan Banaye..?

प्‍यार जिंदगी को रंगीन बनाता है, लेकिन जिंदगी चलाने के लिए करियर में सही मुकाम पर पहुंचना भी जरूरी होता है। कई बार जीवन में ऐसी परिस्थिति बन जाती है जब दोनों के बीच सही तालमेल बनाने में मुश्किल आती है। इन हालात में आखिर आपको क्‍या करना चाहिए। सवाल मुश्किल है, लेकिन महत्‍वपूर्ण भी।

प्‍यार और काम के बीच तालमेल
यानी प्‍यार और काम के बीच तालमेल बैठा पाना आसान नहीं। प्यार और व्यापार में तकरार कोई नई बात नहीं। लेकिन, इन दोनो के बीच सही तालमेल बैठाया जाना बहुत जरूरी है। प्या‍र अगर व्यापार यानी करियर के राह में रुकावटें डालने लगे तो यह सही नहीं है, और करियर को बहाना बनाकर अपने प्यार को नजरअंदाज करना भी कतई जायज नहीं ठहराया जा सकता। करियर के चक्कर में प्यार को भुलाना या प्यार के चक्कर में करियर को पूरी तवज्जो न देना बहुत भारी पड़ सकता है। कई बार एक मिलता है, तो दूसरा नहीं और कई बार हाथ पूरी तरह खाली रह जाते हैं।
प्यार हो गया है और आप अपने प्यार से कोई समझौता नहीं करना चाहते, तो न करें, लेकिन उसके साथ-साथ अपने करियर पर भी पूरा-पूरा ध्यान दें। जब भी कोई प्यार में पड़ता है तो उसके सामने दो विकल्प रहते हैं, एक तो यह कि वे अपने प्यार पर ध्यान दें या फिर अपने करियर पर। करियर बनाने की उम्र में प्यार में पड़े युवक-युवतियाँ प्यार को ही तवज्जो देने लगते हैं। प्यार की खातिर अपने करियर को दाँव पर लगाने वाले युवक-युवतियाँ ये भूल जाते हैं कि प्यार करने के लिए तो सारी जिंदगी है, पर एक बार करियर छूट जाए तो उसे सँवारना बड़ा मुश्किल होता है। इसलिए प्यार और करियर में बैलेंस जरूर बनाकर चले।


 
जरा इस बात पर भी गौर फरमाइए
 प्यार के चक्कर में पड़कर अपना करियर बर्बाद करने वाले युवक-युवतियाँ शायद यह नहीं जानते कि उनके इस आचरण से उनके परिजनों का कितना दिल दुखेगा। अपने बच्चों का करियर बनाने के लिए की गई जद्दोजहद व्यर्थ होते देख उन्हें कैसा महसूस होगा? जीवन में हर कार्य का एक समय होता है और उसे तब ही करने में भलाई है।
करियर की ओर ध्यान नहीं देने से अच्छी नौकरी नहीं मिलेगी व आय का कोई साधन नहीं रहेगा। रोजी-रोटी और गृहस्थी के लिए अच्छा करियर होना बहुत जरूरी है। इसलिए आप अपनी जिंदगी के फैसले सोच-समझकर लें।

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SEO: A Need for Every Business

Most of the companies nowadays have their own websites through which they are able to promote their products and services. Website is a platform on which the products and services of an organization are demonstrated before millions of web surfers. Hence, the ranking of the website must be maintained in popular search engines such as Google, Yahoo and MSN. A website which has poor web ranking is often neglected by web surfers. Search Engine Optimization is the most effective way of increasing the web ranking of website. Hence, many companies from different corners of the globe prefer to avail SEO services India to maintain their web presence. SEO India has gained popularity in the recent years, owing to the increasing use of internet MARKETING.

Internet MARKETING is an effective tool to promote the business in the World Wide Web. Entrepreneurs from European countries prefer SEO Company India, as availing similar services in their home country might cost their pocket more. India being a hub of SEO services India has attracted foreign companies to a great extent. By entering into contact with Indian companies, entrepreneurs can not only gain cost effective advantage but also get quality and reliable services. They can increase the ranking of their site and gain maximum profit in their business. Most entrepreneurs neither have required knowledge about SEO nor are they able to set up separate department for this purpose. Hence, they avail services of a professional SEO company.
There are two types of SEO services such as on-page optimization and off-page optimization, which are used by professionals. Services of on-page optimization involve fine-tuning of the content in the website, which will increase the site ranking in the search engines. On-page optimization techniques also include optimizing website content HTML coding, creation of optimized title and META tags, developing keyword rich content and keyword analysis. Further, to promote the website, separate search engine submission methodologies are implemented. However, implementation of a theme-based link build strategy comes under off-page optimization technique. The ranking of a website can be increased by submitting the site to the popular search engine for link sharing. Even though there are several features of SEO India, these are equally useful to enhance the web ranking.

Keyword research and analysis is the most important activity of SEO India companies and the basic step of search engine optimization. In this process, professionals select the keywords, which are frequently used by web surfers. SEO services India such as publishing content in the form of articles and blogs also helps in enhancing the web ranking of a particular website. Keywords based content is the most useful and effective SEO tool. However, the content published must be informative and should interest the readers. SEO Company India has a team of content writers, which develops unique content for client's website. The content developed is free from any kind of grammatical errors and maintains the flow. In order to enhance the web ranking, SEO professionals use various types of tools and techniques. Being expert in this field, these professionals find numerous ways to boost the internet ranking of the website.




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Improving Your Memory through Constant Learning

Keeping our brains active can help improve memory performance. While the old tried and tested method of repetition is still an important part of memory techniques, we also need a bit of novelty to keep our minds awake and to stimulate our brains. 

We all have times when we'd love to be able to improve memory - for school tests, college exams, business presentations or even just in our day to day lives. Pregnant women are particularly prone to memory loss, and often seek ways to improve memory. Age is also a consideration; as we get older, our ability to remember things slows down and we find ourselves misplacing things or forgetting appointments. 

By learning new information, we can help improve memory in the long-term. The part of our brain that produces the chemical dopamine responds better to fresh images, ideas and experiences, and can improve memory retention more effectively that simply repeating the same information over and over again. To improve memory techniques, there are plenty of things we can do in our day to day lives: 

Improve memory - with word games.

By simply doing the crossword or word game in your daily or Sunday newspaper, you'll help improve memory by learning new words or phrases. Each day will bring a new challenge so you will be stimulating your brain regularly. 

Improve memory - with number challenges. 

Sudoku is a popular number game, but there are many other number puzzles you can try to help your quest to improve memory. Again, you will be keeping your brain active and opening up your mind to new challenges on a regular basis. 

Improve memory - learn a language. 

Exposing your brain to anything new will help improve memory function, but learning a language can be a particularly rewarding experience. You don't need to go as far as taking classes, simply watch some of the foreign language learning programs on TV or learn a few words of Spanish or French, for example, each day. 

Improve memory - play an instrument. 

This is another fun way to get round the problem of increasing memory loss. Picking up a guitar or sitting for an hour or two at a keyboard could be a great way to improve memory performance. You'll be stimulating your brain function by practising new chordsor melodies! 

Of course, many of us lead very busy lives and don't always have the time to take up a new hobby or pastime. We can still improve memory techniques in our day to day lives, simply by paying attention to the things around us. Instead of walking or driving home in a daze, we can help improve our memory just by looking around!


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Kya Karta Hai Yoga?

योग हमारे स्वास्थ्य के लिए किस कदर फायदेमंद है यह तो हम सभी जानते हैं। योग करने से न सिर्फ हमारा शरीर स्वस्थ्य रहता है बल्कि इससे हमारा मन भी शांत रहता है। लेकिन हम यहाँ बात कर रहे हैं योग के एक ऐसे फायदे की जिससे शायद आप अब तक वाकिफ़ नहीं होंगे।
क्या आप जानते हैं कि योग आपकी सेक्स लाइफ़ को और भी खूबसूरत बना सकता है। डॉ. प्रकाश कोठारी देश के टॉप सेक्स विशेषज्ञों में से एक हैं। वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ सेक्सुअल हेल्थ के संस्थापक डॉ. कोठारी का कहना है कि 5,000 साल पुरानी यह प्राचीन कला आपके सेक्स जीवन को खुशगवार बनाने में बेहद कारगर साबित हो सकती है।
डॉ. कोठारी बताते हैं कि अच्छे सेक्स के लिए मस्तिष्क का शांत होना बहुत ज़रूरी है, जिससे सेक्स के दौरान मस्तिष्क को ज्यादा ऑक्सीजन और सूक्ष्म पोषक तत्व मिल सकें और जननांगों तक रक्त का बेहतर प्रवाह हो सके।
दैनिक तनाव, धूम्रपान, शराब और शुगर का अत्यधिक सेवन महिलाओं की सैक्स क्षमता को बुरी तरह प्रभावित करता है। योग से मस्तिष्क को शांति मिलती है जो जननांगों तक रक्त प्रवाह बढ़ाने में सहायक होता है।
डॉ. कोठारी अपने मरीजों को शवासन और वज्रासन करने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि शवासन जहां शरीर में नई ऊर्जा का संचार करता है और रक्तचाप को बैलेंस करता है वहीं इससे अनिद्रा की परेशानी दूर होती है। वज्रासन शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाता है।
नई दिल्ली में रहने वाले योग विशेषज्ञ दीपक झा ने सेक्स  के आनंद को बढ़ाने के लिए कुछ अन्य आसनों को करने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि, "पश्चिमोत्तासन, हलासन एवं भुजंगासन पुरुषों में सैक्स के लिए जिम्मेदार हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का स्राव बढ़ाता है और जननांगों को मजबूती प्रदान करता है।"




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